A New Rise
नई उड़ान
नए साल का पहला दिन। पहली सुबह। पहली किरणें।
पिछले साल में जो कुछ भी उलझनें और परेशानियाँ घटी हों, उन्हें मिटाकर आया हुआ यह ताज़गी भरा नया दिन।
अगर कभी हम टूट गए हों, तो यह दिन हमें फिर से जिद्द और हिम्मत के साथ खड़े होने का साहस देता है।
यह शुभ दिन उस शक्ति के आगे नतमस्तक होकर, उससे नए साल की खुशियों का आशीर्वाद माँगने का अवसर है।
दुनिया में कौन है जो पूरी तरह सुखी है? कोई नहीं।
और कौन है जिसे ज़रा भी दुख नहीं है? ऐसा भी कोई नहीं।
इसलिए, दूसरों की तुलना में हमारी जो छोटी-सी तकलीफ़ है, उसे किनारे रखकर, हमारे जीवन में आने वाली अपार खुशियों को खुले मन से गले लगाने का यह दिन है।
कुछ लोग बीते साल में हमें छोड़कर चले गए। दुखद है।
लेकिन अगर वे कहीं से मुझे देख रहे होंगे, तो मेरे आचरण और उपलब्धियों पर उन्हें गर्व हो—ऐसा जीने की सच्ची प्रतिज्ञा करने का दिन भी यही है।
समय हर किसी पर आता है। हमें मिली हुई हर अवसर का सुनहरा उपयोग करना चाहिए।
उसके लिए सजगता और विवेक हमारे भीतर जागे—इसलिए आज सूर्यदेव से दोनों हाथ जोड़कर प्रार्थना करने का दिन है।
बीते साल में मुझसे कुछ गलतियाँ हुई होंगी; कुछ निर्णय ग़लत निकले होंगे—तो भी ठीक है।
उन गलतियों की ज़िम्मेदारी स्वीकार करना, भाग्य ने जो सज़ा दी हो उसे स्वीकार करना और फिर से अपने भीतर का इंसानियत साबित करने के लिए, सृष्टिकर्ता ने हमें जो यह सुंदर उपहार दिया है, वही नया साल है।
जैसे ताज़ा ताश के पत्तों से खेल शुरू होता है और पत्ते साथियों में बाँटे जाते हैं,
वैसे ही सृष्टिकर्ता ने अपने अनंत दिनों की गड्डी से हमें 365 पन्ने दिए हैं।
उसका पहला पन्ना है—1 जनवरी।
हमें जो पन्ना मिला है, उसे देखकर न तो ज़्यादा खुश होना है और न ही दुखी, क्योंकि पन्ने बदलते रहेंगे।
कभी भी ‘हुक़्म का इक्का’ हमारे हाथ लग सकता है।
तब तक हमें खेल में टिके रहने की खुशी और कृतज्ञता बनाए रखना ज़रूरी है।
गिरकर भी फिर से खड़े होने के लिए, “बचेंगे तो और भी लड़ेंगे” यह भावना आवश्यक है।
लोगों की भीड़ में कुछ लोग याद रहेंगे, कुछ पर नज़र रखनी होगी, कुछ हमें लक्ष्य करेंगे—उनका ध्यान भटकाना होगा।
लेकिन सबसे ज़रूरी है कि हमारा ध्यान हमारे लक्ष्य से विचलित न हो।
इन बातों को दिल में अंकित करके हम नए साल का स्वागत करें।
हमारे हँसी के पीछे छिपे दुख को, ग़ुस्से के पीछे छिपे प्यार को और हमारी चुप्पी के पीछे छिपे कारण को बिना कहे समझने वाले लोगों को संभालें।
और आने वाले साल में सफलता, आनंद और स्वास्थ्य का नया अध्याय लिखें।
—
प्रा. राजेश्वर शशिकला पांडुरंग शेलके, नासिक
📞 9423542224
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